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आज देश में गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव के रूप में बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा है, वैसे तो इस अवसर पर हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार स्नान-ध्यान, पूजा और दान का विधान है। पर वहीं असल में देखा जाए तो महात्मा बुद्ध देव नहीं बल्कि महापुरूष थें, जिन्होने मानव को इस मृत्युलोक में जीने की सही राख दिखाई। सदियों पहले उनके दिए उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और अगर उनका अनुसरण किया जाए तो व्यक्ति संसारिक दुखों से बच सकता है। आज बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर हम आपके लिए महात्मा बुद्ध के कुछ अनमोल वचन लेकर आएं हैं, जो आपके जीने का तरीका बदल सकते हैं।
गौतम बुद्ध ने सिर्फ मनुष्य को अध्यात्म की राह दिखाई है, बल्कि सांसरिक जीवन का भी मंत्र दिया है किस तरह से व्यक्ति इस संसारिक मोह माया में रहते हुए भी सुखी रह सकता है।
गौतम बुद्ध मन को नियंत्रित करने की बात करतें हैं, क्योंकि ये मन ही सारे दुखों का कारण हैं
महात्मा बुद्ध के दर्शन में शांति और ध्यान का विशेष महत्व रहा है
महात्मा बुद्ध ने कहा है कि मानवीय जीवन में प्रेम सबसे महत्वपूर्ण है
महात्मा बुद्ध मानवीय स्वभाव के हर पहलु का बात करते हैं और जीवन का सार बताते हैं।
क्रोध मनुष्य के लिए किस तरह से खतरनाक हो सकता है, ये महात्मा बुद्ध के उपदेश से जाहिर है।
बुद्ध स्वयं पर विजय प्राप्त करने की बात करते हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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