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अगर आपके घर में कोई बीमार रहता है, पैसों की तंगी रहती है, घर में कलेश होती है या किसी वजह से झगड़े होते रहते हैं तो इसके पीछे आपके जूते-चप्पल भी हो सकते हैं।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जूते-चप्पल का इस्तेमाल घर से बाहर किया जाता है और जब यह जूते-चप्पल घर में प्रवेश करते हैं तो इससे बाहर की नकारात्मक ऊर्जा जूते-चप्पलों के जरिए हमारे घर में आ जाती है, जिस वजह से हमारे घर में बीमारी, दरिद्रता फैलने लगती है। इसीलिए आपको जूते-चप्पल घर में प्रवेश करने से पहले ही बाहर की तरफ उतार देने चाहिए।
जूते-चप्पलों को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां पूरे घर में गंदगी ना फैले। जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े रहते हैं तो इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। इसीलिए आपको जूते-चप्पलों को व्यवस्थित ढंग से रखना चाहिए। प्राचीन ऋषि-मुनियों के मुताबिक, जूते-चप्पल को कभी भी घर के अंदर पहनकर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इससे बाहर की गंदगी और कीटाणु हमारे घर में आते हैं, जिस वजह से हमारे घर में बीमारियां फैलने लगती हैं। इसके अलावा घर को मंदिर माना जाता है तो पवित्र स्थान पर अगर जूता-चप्पल लेकर आते हैं तो वह अपवित्र हो जाता है।
वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया जिसमें पता चला कि हमारे जूते चप्पलों में 421 हजार बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारे खाने और पानी में मिल जाते हैं। यह बैक्टीरिया हमारे पाचन तंत्र पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव डालते हैं और हम बीमार पड़ जाते हैं।
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