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आजकल के माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर एक गंभीर हो गए हैं कि वह इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं करने को तैयार नहीं है। ऐसे में बच्चे जब स्कूल जाते हैं पेरेंट्स उनके बैग में बहुत सारी किताबे भर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चों का स्कूल बैग इतना भारी हो जाता है कि यह उनसे मुश्किल से ही उठाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं आपकी यह आदत आपके बच्चे को गंभीर रूप से बीमार कर रही है। माता-पिता को यह बात समझनी होगी कि अगर बच्चों के लिए पढ़ाई जरूरी है, तो उनकी सेहत भी उतनी ही ज्यादा मयाने रखती है।
बच्चों से जुड़ी हेल्थ को लेकर एक सीनियर स्पाइन स्पेशलिस्ट का कहना है कि, स्कूल का भारी बैग उठाने के कारण बच्चों का वजन तेजी से गिरना शुरू हो जाता है। इसका सीधा असर उनकी रीढ़ की हड्डी पर होता है। आपने अक्सर देखा होगा कि स्कूल जाने वाले कंधे या गर्दन में दर्द की शिकायत करते हैं। लेकिन कई हम इसे मामूली दर्द या थकान समझ कर इग्नोर कर देते हैं। या फिर कभी किसी पेन रिलीव से मसाज कर देते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों को इस तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी स्कूल का भारी बैग उठाने के कारण हो सकती है। इसके अलावा छोटी ही उम्र में बच्चों में स्ट्रेस बढ़ने लगता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बच्चों के लिए स्कूल का भारी बैग उठाने इस कदर खतरनाक हो सकता है कि इसके कारण उनकी रीढ़ की हड्डी मुड़ने लगती है और कमर झुक जाती है।
इस तरह करें बच्चों को भारी बैग के दर्द से छुटकारा
एक रिसर्च के दौरान यह बात साबित हो चुकी है कि, बच्चों के स्कूल बैग का भार 1 से 10 किलोग्राम तक हो सकता है। इसकी वजह से उनकी सेहत में भी लगातार गिरावट देखी गई है। करीब 42 फीसदी बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि भारी बैग के कारण उन्हें अक्सर अच्छा महसूस नहीं होता। लेकिन अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे को यह भार न झेलना पड़े तो संबंधित विषयों की ही किताबें उनके बैग में रखें। इसके अलावा उन्हें ऐसा बैग लाकर दें जो कम्फर्टेबल डुअल स्ट्रेप वाला हो।
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