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खेलकूद में हमेशा महिलाओं को पुरुषों के बाद देखा जाता है, माना जाता है कि हमेशा से स्पोर्ट्समैन का तमगा सुनने में अच्छा लगता है स्पोर्ट्सवुमेन तो बस नाम का है। क्रिकेट, फुटबॉल की तरह ही होर्स राइडिंग जैसे स्पोर्ट को भी अब-तक पुरुषों का खेल समझा जाता आया है। लेकिन साल 2012 में शुरु हुई एक पहल ने इस सोच को बदलने का काम किया है। दरअसल, साल 2012 में शुरु हुआ था ‘मैग्नोलिया कप’। ये एक होर्स राइडिंग (घुड़सवारी) रेस है। हालांकि, ये रेस थोड़ी अनोखी है... इस रेस में हिस्सा लेने वाले लोगों में पुरुष नहीं बल्कि महिलाएं शामिल होती हैं।
आपको बता दें, इस रेस में हिस्सा लेने वाली महिलाएं कोई प्रोफेशनल हॉर्स राइडर नहीं होती है... वह केवल मजे और एक्सपीरियंस के लिए इस रेस का हिस्सा बनती हैं। टीवी एंकर, मॉडल, फैशन एक्सपर्ट, स्टूडेंट्स से लेकर गृहणियां तक भी इस अनोखी रेस का हिस्सा बनती आई हैं। हर साल इस रेस में 11 महिलाएं हिस्सा लेती हैं।
ये रेस ब्रिटेन में हर साल आयोजित की जाती है, इस साल इस कप का 7वां सीजन है। जोकि कल 1 अगस्त से ब्रिटेन में शुरु होने वाला है।
इस वजह से इस दिन को ब्रिटेन में ‘लेडीज डे’ भी कहा जाता है।
इस रेस का है खास मकसद-
साल 2012 में शुरु हुई रेस का हिस्सा बनने हजारों लोग आते हैं। ये रेस यूं ही स्पेशल नहीं है... दरअसल इस रेस से जो भी धनराशि इकट्ठा होती है, उसे दुनियाभर की महिलाओं की बेहतरी के लिए डोनेट कर दिया जाता है। कहा जा रहा है कि इस साल 20 करोड़ रूपये जुटाए जाने की आशंका है।
गौरतलब है कि साल 2012 में पहली बार इस रेस को देखने के लिए 10 हजार लोग शामिल हुए थे। इस साल अनुमान है कि लोगों की संख्या 30 हजार हो सकती है।
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