Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
कहते हैं कि नेकी के लिए न तो बहुत संसाधन होने की ज़रूरत होती है और न ही इसके ले आपको अलग से कोई समय ही निकालने की ज़रूरत होती है। वास्तव में नेकी के लिए केवल और केवल आपको अच्छे इरादे की ज़रूरत होती है और यदि आपके मन में नेकी करने के लिए बेहतर इरादे हैं तो फिर आप किसी भी उम्र में इसे कर सकते हैं। अब आप हरजिंदर सिंह का ही उहाहरण देखिए। वैसे तो हरजिंदर सिंह का जन्म पाकिस्तान के शेखूपुरा में हुआ था। लेकिन वह नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के भजनपुरा इलाके में अपने बड़े बेटे और उसके परिवार के साथ रहते हैं।
आपको बता दें कि हरजिंदर सिंह रोजाना 8 बजे अपने काम पर निकल जाते हैं और सड़क पर जिसे भी मदद की जरूरत होती है, हरजिंदर उसकी तरफ हाथ बढ़ा देते हैं। यह उनका कोई आज का ताज़ा-ताज़ा शुरू किया गया काम नहीं है, बल्कि इस काम को करते हुए उनको 55 बरस हो चुके हैं। ऐसा करते हुए वह दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस और जनता के बीच पुल का काम करते हैं। दिलचस्प है कि उम्र के इस पड़ाव में भी उनका जोश देखने लायक है।
हरजिंदर बताते हैं कि वह अपने ऑटो में तरह-तरह की दवाइयां भी लेकर चलते हैं। इसमें ज्यादातर वे होती हैं जो सामन्य तौर पर काम आएं। इस सब के लिए पैसों का इंतजाम कहां से होता है? इस पर हरजिंदर बताते हैं कि वह कुछ घंटे ज्यादा काम भी करते हैं। ऑटो में डोनेशन बॉक्स भी रखा है, लेकिन वह खुद किसी से पैसे नहीं मांगते, जो जितना देना चाहता है उसमें डाल जाता है। हरजिंदर उसी पैसों से दवाइयां खरीद लेते हैं।
Author: Amit Rajpoot
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.