Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
आज 1 अगस्त से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच में एशेज सीरीज शुरु होने जा रही है। इस सीरीज का पहला टेस्ट 1 अगस्त यानि आज खेला जाना है। कहा जाता है कि ये क्रिकेट इतिहास की सबसे पुराना क्रिकेट मुकाबला है, जिसका 71वां सीजन इस साल खेला जा रहा है। जिस तरह भारत के लोगों के बीच में भारत और पाकिस्तान के मैच का क्रेज देखा जाता है, ठीक उसी तरह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में इसी सीरीज का इंतजार किया जाता है। ये दोनों देशों के लिए कोई आम सीरीज नहीं है बल्कि दोनों देशों के लिए इस सीरीज को जीतना मान-सम्मान की बात होती है।
एशेज सीरीज का इतिहास बेहद ही दिलचस्प है, आइए जानते हैं कैसे शुरु हुई थी एशेज सीरीज की ये लड़ाई-
क्रिकेट के जनक इंग्लैंड की क्रिकेट पर हमेशा से ही अच्छी पकड़ थी, इस टीम को हराना कोई आसान काम नहीं था। जैसे ही क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ती चली गई, तब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले खेले जाने लगे। कभी ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड आकर खेलती, तो कभी इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया जाकर। एशेज सीरीज के शुरु होने के पीछे का कारण साल 1882 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'द ओवल' में खेला गया टेस्ट मैच है।
इस मैच में किस्मत इंग्लैंड के साथ नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के साथ थी। इस बार ऑस्ट्रेलिया के सामने इंग्लैंड कमोजर पकड़ती दिख रही थी, अंत में ऑस्ट्रेलिया ने इस साल इंग्लैंड को हराकर इतिहास रच दिया। ये इंग्लैंड की एक बहुत बड़ी हार थी। हार के बाद ब्रिटेन के अखबार 'द स्पोर्टिंग टाइम' ने व्यंगात्मक तौर पर एक शोक संदेश प्रकाशित किया। इस अखबार ने इंग्लैंड की हार को इंग्लैंड क्रिकेट की मौत करार दे दिया।
अखबार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अखबार में लिखा, “इंग्लिश क्रिकेट की मौत हो गई, शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया और राख (अंग्रेजी में एशेज) ऑस्ट्रेलिया ले जाया गया।”
बदले में वापस लाई गई ‘एशेज’-
तब इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान रहे इवो ब्लाइ ने शपथ ली कि इस हार का बदला जरूर लेंगे। इसके बाद इंग्लैंड को उसी साल ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाना पड़ा। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की टीम और इंग्लैंड की टीम के बीच 3 टेस्ट मैच हुए, इस बार किस्मत इंग्लैंड के पाले में थी। इसके परिणामस्वरूप तीन मैच की सीरीज में से इंग्लैंड ने 2 मैच जीतकर अपनी खोई इज्जत वापस हासिल कर ली।
इस जीत के बाद कहा जाता है कि एक ऑस्ट्रेलियाई समाज सेविका लेडी जेनेट क्लार्क ने मजाक के ही तौर पर इंग्लैंड के कप्तान को एक छोटा-कलश दिया, कहा जाता है कि इसमें 29 अगस्त 1882 के उस हारे हुए मैच की किल्लियों की राख (एशेज) थी।
हालांकि, ये उनके लिए महज एक मजाक था, लेकिन इंग्लैंड की टीम ने इसे गंभीरता से लिया और उन एशेज को अपने देश वापस ले गए। इसी एशेज को इंग्लैंड टीम ने सीरीज का रूप दे दिया है, जोकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाती है।
इसके बाद से ही क्रिकेट फैंस और मीडिया ने ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज को 'एशेज' नाम दे दिया।
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.