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बहुत से लोगों को लगता है कि सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स एक ही चीज होती है। शायद आपने भी इस बात पर ध्यान दिया हो कि जब हम किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए जाते हैं तो हमें बिल पर सर्विस टैक्स और सर्विस चार्ज दोनों का अमाउंट देने के लिए कहा जाता है। लेकिन पूरा ज्ञान न होने के कारण लोग बिल दे भी आते हैं, सिर्फ इतना ही नहीं कुछ लोग तो अलग से टिप भी रख देते हैं। लेकिन आज हम आपको सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स के अंतर के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप दोबारा कभी इस तरह की गलती न करें।
सर्विस टैक्स (Service Tax)
यह टैक्स भारत सरकार द्वारा कुछ विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है। यह मोबाइल बिल, फिल्म टिकट और कोचिंग संस्थाम जैसी 125 से भी ज्यादा चीजों और सेवाओं पर लगा होता है। आपको किसी भी हाल में इस टैक्स को भरना पड़ता है। यह केवल वातानुकूलित रेस्टोरेंट या होटलों में वसूल किया जा सकता है। सरल शब्दों में समझा जाए तो यह आपके कुल बिल का मात्र 6% ही वसूला जा सकता है। आपको बता दें कि, वर्तमान समय में सरकार सर्विस टैक्स के ही जरिए सबसे ज्यादा आय प्राप्त कर पा रही है।
सर्विस चार्ज (Service Charges)
यह सरकार द्वारा लगाया गया कोई टैक्स नहीं होता। बल्कि कुछ विशुद्ध होटल और रेस्टोरेंट इसे ग्राहकों को सेवा देने के लिए बिल में ही जोड़ देते हैं। इसे लेकर सरकार की ओर से कोई नियम नहीं बनाया गया। फिलहाल ज्यादातर होटलों में ग्राहकों से 5-20% तक सर्विस चार्ज वसूल किया जा रहा है। सरल शब्दों में कहे तो यह चार्ज एक टिप की तरह होते हैं, अगर ग्राहक को वेटर द्वारा दी गई सर्विस पसंद आती है तो वह इस सेवा के लिए उसे कुछ पैसे अलग से देता है।
लेकिन कई उपभोक्ताओं ने होटल द्वारा लिए जा रहे हैं मनमाने सर्विस चार्ज के लिए खिलाफ आवाज उठाई है। हालांकि इस पर Consumer Affairs Minister ने यह साफ किया है कि अगर ग्राहक को रेस्टोरेंट की सेवा पसंद आती है तो उनकी मर्जी होगी कि वह इसके लिए कोई चार्ज देना चाहते हैं या नहीं। इसके अलावा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत, अगर किसी ग्राहक से जबरन सर्विस चार्ज वसूला जाता है वह अदालत में इस पर कार्रवाई कर सकता है।
कई रेस्टोरेंट में सेल्फ सर्विस भी करनी पड़ती है, ऐसे में वह सर्विस चार्ज लगा ही नहीं सकते। क्योंकि होटल की ओर से कोई सेवा नहीं दी गई है। हालांकि इस बात का भी ध्यान रखें कि, अगर किसी होटल के मेन्यू पर पहले से ही सर्विस चार्ज देना अनिवार्य लिखा है तो आपको यह भुगतान करना ही होगा। लेकिन अगर ऐसा कहीं नहीं लिखा तो आप अपनी मर्जी के मालिक हैं।
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