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हमें लगता है कि हम एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं, क्योंकि हमारे पास लाइफ में करने के लिए बहुत कुछ हैं। वक्त मिलने पर हम अपने परिवार के साथ भी रह जाते हैं। लेकिन एक बार ठीक से सोचकर देखिए कि क्या यह सच में खुशी ही है। आज हम जिस मॉडर्न लाइफ को जी रहे हैं उसमें न तो हमें कुछ पल की शांति मिल पाती और न ही असली खुशी। इसके अलावा तनाव और कई तरह की बीमारियों से घिरे हुए हैं। ऐसे में हमें लगता है कि अगर हम स्वस्थ रहना चाहते हैं तो बॉडी को डिटॉक्स करन से बहुत सारी समस्याएं हल हो जाएंगी।
हालांकि, यह हमारी आत्मा को डिटॉक्स नहीं कर सकती। शायद कम ही लोग ऐसे होंगे जिन्हें इस बारे में जानकार होगी कि Soul को भी डिटॉक्स करने की जरूरत होती है। अगर हम इस पर ध्यान न दे कि हर दिन नकारात्मक विचार हम पर हावी होने लगते हैं। तो चलिए आज जानते हैं कि कैसे करें Soul को डिटॉक्स।
प्रकृति से करें दोस्ती:- इसे मन को डिटॉक्स करने का एक बेहतरीन उपाय माना जाता है। इंसान आज बहुत सारी अपनी जरूरत के अनुसार चीजें बना चुका है, लेकिन जो मन की शांति और खुशी प्रकृति के बीच रह कर मिलती है वह और किसी भी तरीके से हासिल नहीं की जा सकती। मन को डिटॉक्स करने के लिए जितना हो सके प्रकृति के साथ समय बिताएं। ऐसा करने से आप महसूस करेंगे जैसे आपका मन रीसेट हो रहा है और एक बार फिर से आप में एक ताजगी आ रही है।
फोन करें बंद:- आज के समय में लोग लगभग पूरी तरह से अपने मोबाइल फोन पर निर्भर रहने लगे हैं। अगर थोड़ी देर भी किसी का फोन उससे दूर हो जाए तो वह परेशान होने लगता है। ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा वक्त के लिए अपने फोन से दूरी बनाएं। कोशिश करें कि पूरे दिन में कम से कम एक घंटा अपना फोन स्विट्च ऑफ कर दें। आपको शायद इस बात का अहसास भी नहीं है कि हमारे फोन की स्क्रीन ही हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी बीमार कर रही है। इसलिए कुछ देर फोन को दूर रखकर अपने परिवार, दोस्तों या फिर अपनी हॉबी को समय दें। कुछ दिन लगातार इस प्रक्रिया को करने से आपका ध्यान बार-बार फोन की ओर नहीं जाएगा। ऐसे में आपको मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर शांति का अनुभव होगा।
मेडिटेशन:- इसे आप मन को शांत करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका कह सकते हैं। इसे करने के लिए आप हर दिन 5-10 मिनट कर मौन पर बैठे और अपनी श्वास पर ध्यान लगाएं। एक बार यह पूरा हो जाने पर जब आप आंखें खोलेंगे तो आपको आपके अपने अंदर एक चुस्ती और खुशी का अहसास होगा।
नकारात्मक लोगों से रहें दूर:- अक्सर आपने लोगों को कहने सुना होगा कि, "जैसी संगत वैसी रंगत" इसका अर्थ है कि आप जैसे लोगों के साथ रहेंगे वैसी ही आपकी भी सोच हो जाएगी। इसलिए सबसे पहले कोशिश करें कि नकारात्मकता पैदा करने वाले लोगों से दूर रहें। ऐसे लोगों की वजह से आपका आत्मविश्वास कम होने लगता है और कई चीजों को लेकर नकारात्मक विचार भी आने लगते हैं।
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