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गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने के लिए कहा जाता है। इस समय उनमें कई हार्मोनल बदलाव भी आते हैं, जिस वजह से कई बार उनका मूड बदलता रहता है और इस कारण उनके खान-पान पर भी असर पड़ता है। इस अवस्था में अक्सर महिलाओं को चटपटा या खट्टा खाने की इच्छा होती है और इसीलिए वह आचार जैसी चीज का सेवन करती हैं। लेकिन एक सवाल हर किसी के जहन में आता है कि गर्भावस्था के समय आचार खाना कहां तक सही है? कहीं इस वजह से कोई दूसरी समस्या होने का खतरा तो नहीं? तो चलिए आज इसी तरह के कुछ और सवालों के जवाब जानते हैं।
प्रेग्नेंसी आचार खाने के फायदे:-
पाचन क्रिया:- आचार में गुड बैक्टीरिया भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं और इसके सेवन से यह गर्भवती महिलाओं की आंतों में पहुंचकर गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसी वजह से पाचन क्रिया भी मजबूत होती है।
प्रतिरक्षा प्रणाली:- गर्भवती महिलाएं आचार का सेवन जितना हो सके कम मात्रा में करें। गाजर, आंवला और कच्चे आम का आचार में आयरन, कैल्शियम, विटामिन्स और पोटैशियम जैसी कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने उसे गर्भवती महिलाओं का इम्युनिटी मजबूत होता है।
शरीर में जरूरी तत्वों की पूर्ति:- आचार का सेवन शरीर में खनिज तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
आचार के सेवन से होने वाले नुकसान:-
ब्लड प्रेशर:- आचार मे सोडियम अत्यधिक मात्रा में होता है, जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर की समस्या खड़ी हो सकती है। इसका खतरा मां और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है।
एसिडिटी:- आचार का सेवन ज्यादा करने से गर्भवती महिला को सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या भी झेलनी पड़ सकती है।
डिहाइड्रेशन:- आचार में सोडियम की मात्रा ज्यादा होने से बॉडी में डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। शरीर में पानी की पूर्ति होने के कारण गर्भवती महिला और शिशु दोनों को ही इसका नुकसान हो सकता है।
सूजन:- बॉडी में पानी की कमी होने से गर्भवती महिला के शरीर में सूजन भी आने लगती है।
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