Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
हमारे समाज में ज़्यादातर लोग इस संदेह में या ख़्याल में जीते हैं कि मॉडर्न लड़की एक अच्छी पत्नी नहीं हो सकती हैं। जी हाँ, लोग ऐसा सोचते हैं। लोगों में अक्सर यह धारणा घर कर जाती है कि आज की मॉडर्न लड़कियाँ शादी के लिए उतनी ठीक नहीं हैं या फिर वह एक अच्छी गृहणी और बीवी नहीं बन सकती है, जितनी कि अच्छी उनकी माँ, चाची और दादी हुयी हैं। ऐसे में आपको समझना चाहिए कि आपकी माताएँ और आपकी दादियाँ अच्छी पत्नी कैसे बनीं। ज़ाहिर सी बात है कि लोग तपाक से बोलते हैं कि प्यार का रास्ता पेट से होकर जाता है, इसलिए उनकी माताएँ प्यार परोसने के लिए अच्छा खाना परोसती आयी हैं और इसीलिए वह एक अच्छी पत्नी सिद्ध हुयी हैं।
वास्तव में यदि यह बात सच मान भी ली जाएँ तो फिर ज़री सोचिए कि आज के दौर में तो ज़्यादातर लोग स्विगी, क्विक फ़िक्स या ज़ोमैटो से खाना मँगाकर खाते हैं। ऐसे में क्या ये लोग ज़ोमैटो के डिलिवरी ब्वॉय को या फिर उसके ख़ानसामा को प्यार करने लग जाते हैं क्या? ज़ाहिर तौर पर नहीं। इसलिए आप आज की किसी भी मॉडर्न लड़की को इस आधार पर अच्छी पत्नी नहीं कह सकते हैं कि वह अच्छा खाना बना लेती हो, या फिर वह एक अच्छी पत्नी उस आधार पर नहीं बन सकती है, जिस आधार पर आपकी दादी या माँ अच्छी पत्नी बनीं थी।
आपको बता दें कि अब स्थितियाँ वैसी नहीं रही हैं। अब लोगों की उम्मीदें बदल गयी हैं। अब बात सिर्फ़ पेट की ही नहीं रही है। आज लोगों की दूसरी ज़रूरतें हैं। ज़्यादातर लोगों को आज किसी दूसरे व्यक्ति का साथ चाहिए। या तो मानसिक रूप से या भावनात्मक रूप, शारीरिक ज़रूरतें, आर्थिक ज़रूरतें, सामाजिक ज़रूरतें या फिर कोई और ज़रूरत। समझने वाली बात यह है कि ऐसी ज़रूरतों वाला साथी आज मिलना मुश्किल है, क्योंकि ये आज की मॉडर्न ज़रूरतें हैं जिसे संभवतः मॉडर्न लड़की ही पूरी कर सकती है।
हालाँकि कुछ लोग हमेशा से यह कहते आये हैं कि जोड़ियाँ तो स्वर्ग से बनकर आती हैं। इसलिए हम अपनी च्वाइस की बीवी नहीं चुन सकते हैं। सच में यह एक कोरी और बकवास कल्पना है। कम से कम आज के दौर में तो बिल्कुल ही।
हक़ीक़त तो यह है कि शादियाँ यहाँ हम बनाते हैं, अपनी ज़रूरतों और फ़ीलिंग्स के आधार पर, जो हमारी ख़ुशहाली, ज़रूरतें और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए होती हैं। ताकि जीवन कम से कम उलझनों और टकरावों के साथ कट सके। इसलिए शादी हमेशा आज के उद्देश्यों को पूरा करने वाले साथी के साथ करनी चाहिए न कि उन उद्देश्यों के साथ जिनके साथ आपकी माताएँ और दादियों ने शादी की थी।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.