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श्री कृष्ण जो स्वयं भगवान विष्णु के अवतार है। श्री कृष्ण नाम लेने मात्र से ही जीवो और मनुष्यों का कल्याण हो जाता है, श्री कृष्ण हर दुःख, कलह, भय और कष्टों को दूर करने वाले तथा मनोवांछित फल प्रदान करने वाले है। श्री कृष्ण करुणा के सागर है तो श्री राधे रानी प्रेम का भंडार है। इन दोनों के नाम साथ में जपने से इंसान के अंदर विश्वास, प्रेम, करुणा और आस्था जागृत होती है। जो दुनिया के घोर अंधकार से दूर कर हमे परब्रम्ह के दर्शन कराती है। श्री कृष्ण और राधे रानी के नाम का सुमिरन करने से हमारा जीवन सफल हो जायेगा।
जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि हुई है तब-तब भगवान विष्णु किसी-न-किसी रूप में पृथ्वी पर जन्म लेकर दुष्टों का नाश तथा भक्तों को अधर्मियों से बचाएं है। श्री कृष्ण का जन्म भादप्रद माह की कृष्ण पक्ष को अष्टमी को मध्य रात्रि में हुआ था। इसलिए लिए पुरुष और स्त्रियां रात्रि बारह बजे तक व्रत रखते है, इस दिन जो जिस भाव से श्री कृष्ण की पूजा करता है श्री कृष्ण उसी अनुसार उसे फल प्रदान करते है।
जन्माष्टमी के दिन जो वर्ती है वह सुबह उठकर स्नानादि करके ब्रम्हा और पांच देवताओं को नमस्कार करें फिर उतर दिशा में मुख कर बैठें क्योंकि उतर दिशा श्री विष्णु भगवान की दिशा है। उसके बाद श्री कृष्णा को अच्छे से सजाएं, झूला आदि पर बैठाकर पुष्प आदि से श्री कृष्ण की पूजा करें, तथा श्री कृष्ण और राधा रानी के नामों का सुमिरन कर जयकारा लगाएँ। इस दिन श्री कृष्णा की पूजा बाल रूप में की जाती है।
श्री कृष्ण जी की पूजा करते समय एक बात का ध्यान रखें आपको ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा। हर समय श्री कृष्ण के नाम का गुणगान करें उनके नाम का सुमिरन करें तथा श्री कृष्ण को अपने ध्यान में बैठाएं। वेदों और पुराणों के अनुसार भगवान प्रेम और विश्वास के भूखे होते है इसलिए आप जितनी श्रद्धा और प्रेम से श्री कृष्ण की पूजा करेंगे उतना ही श्री कृष्ण के आप करीब होते जायेंगे।
श्री कृष्ण नाम लेने मात्र से ही जीवो का उधार हो जाता है। जो इनको दिल में बसा ले उनका तो बेरापर होना निश्चित है। श्री कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था आप मध्यरात्रि होने के बाद श्री कृष्ण को पकवान आदि से भोग लगाएं तथा सुमिरन, भजन आरती करें। फिर उस प्रसाद को सभी में बाटे और स्वयं भी सेवन करें।
वेदों, पुराणों में कहा गया है कलयुग में केवल नाम आधार अर्थात कलयुग में केवल नाम सुमिरन मात्र से ही जीवो का कल्याण हो जाता है इसलिए आप सदैव श्री कृष्ण और राधे रानी के नाम का स्मरण करते रहिए।
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