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बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा सायरा बानो ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से तो दर्शकों के दिलों पर राज किया ही है, साथ ही उनकी खूबसूरत का भी हर कोई दीवाना था। सायरा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म 'जंगली' से की थी, उस समय वह सिर्फ 17 साल की थी। इस फिल्म में उन्हें शम्मी कपूर के साथ मुख्य किरदार निभाते हुए देखा गया था। फिल्म में सायरा के काम को खूब पसंद किया गया, इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। 23 अगस्त, शुक्रवार को सायरा बानो का 75वां जन्मदिन हैं।
इस खास दिन पर दुनियाभर में मौजूद उनके फैंस ढे़रों शुभकामनाएं भेज रहे हैं। सायरा की निजी जिंदगी हर किसी के लिए एक खुली किताब है। उन्होंने हमेशा से ही इंडस्ट्री के ट्रैजेडी किंग कहे जाने वाले दिलीप कुमार से प्यार किया है। जब वह 22 साल की थीं तब उन्होंने 44 साल के दिलीप कुमार से शादी कर ली। लेकिन कहते हैं ना कि प्यार में उम्र की कोई सीमा नहीं होती।
दिलीप कुमार भी सायरा बानो से 22 साल बडे़ थे, इसके बावजूद वह उनके प्यार में बिल्कुल पागल हुआ करती थीं। इनकी शादी को एक लंबा अरसा बीत चुका है, लेकिन इनका प्यार आज भी पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि सायरा आज भी हर दिन दिलीप कुमार की नजर उतारती हैं। एक इंटरव्यू के दौरान खुद सायरा इस बात को कुबूल कर चुकी हैं।
उनसे जब पूछा गया कि, हमेशा से सुनने में आता रहा है कि बचपन से दिलीप साहब को बहुत जल्दी नजर लग जाया करती थी। ऐसे में पहले उनकी दादी उनकी नजर उतारा करती थीं, फिर उनकी मां, और फिर आपने यह करना शुरू कर दिया। क्या आज भी आप उनकी नजर उतारती हैं? इसका जवाब देते हुए सायरा ने कहा, "बिल्कुल, दरअसल दिलीप साहब बचपन से ही बेहद खूबसूरत रहे हैं और आज भी वह वैसे ही खूबसूरत हैं। उनके चाहनेवाले दुनियाभर में मौजूद हैं। आज भी उन्हें बहुत जल्दी नजर लगती है।"
सायरा ने आगे कहा कि, उनकी दादी और मां किसी दूसरे तरीके से उनकी नजर उतारा करती थीं। क्योंकि उन्हें एक फकीर बाबा ने कहा था कि इस बच्चे को 15 साल की उम्र तक बुरी नजरों से बचाकर रखना होगा। इसके लिए वे उनके माथे पर राख लगाती थीं। लेकिन मैं जब भी उनकी नजर उतारती हूं तो सदका जरूर करती हूं, इसमें गरीबों को उनकी जरूरत की चीजें खाना और कपड़े देती हूं।"
कहते हैं कि दिलीप साहब की जिंदगी में सायरा के आने से पहले वह रिश्तों में असफल हो चुके थे, इसलिए अब वह किसी के करीब नहीं जाना चाहते थे। लेकिन उनके प्यार में पूरी तरह ढूब चुकी थी, इसलिए वह कोशिश करती रहीं। खासतौर पर दिलीप कुमार को खुश करने के लिए उन्होंने उर्दू और पर्शियन भाषा भी सीखी। हालांकि, आगे जाकर दिलीप कुमार भी उन्हें पसंद करने लगे और वर्ष 1966 में दोनों ने गुपचुप तरीके से एक दूसरे से शादी कर ली।
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