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'विदेशों में चीनी पुस्तकों की प्रसार योजना' शीर्षक पर देसी-विदेशी विशेषज्ञों की संगोष्ठी हाल ही में पेइचिंग में आयोजित हुई। 30 से अधिक देशों से आए 60 से ज्यादा प्रकाशकों, अकादमिक सांस्कृतिक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रकाशकों, विदेशी विशेषज्ञों और प्रकाशन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने चीनी और विदेशी प्रकाशन आदान-प्रदान की मजबूती पर विचार-विमर्श किया, जिसका लक्ष्य दुनिया को चीन के बारे में ज्यादा जानकारी देना है। हर साल पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले की पूर्व संध्या पर विदेशी विशेषज्ञों की संगोष्ठी आयोजित की जाती है, जिसका उद्देश्य चीनी और विदेशी प्रकाशकों के बीच संवाद का मंच स्थापित करना होता है। चीनी और विदेशी प्रकाशन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग का संवर्धन किया जाता है। मौजूदा संगोष्ठी का थीम 'नए चीन में अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन की 70वीं वर्षगांठ और सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान व आपसी सीख' है।
चीन स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास के उप राजदूत हान जाए-हेउक ने कहा कि चीन में प्रकाशन उद्योग का दिन दोगुना रात चौगुना विकास हो रहा है। प्रकाशन का नया तरीका भी सामने आ रहा है। बुक स्टोर में पुस्तकों के डिजाइन सुन्दर हैं और उनकी गुणवत्ता भी अच्छी है। नेटवर्क और नए मीडिया के माध्यम से प्रकाशित कई वस्तुएं जीवित होने लगी हैं। चीन में साहित्यिक प्रसार का तरीका लचीला और रुचिकर है।
साल 2006 में चीन ने 'विदेशों में चीनी पुस्तकों की प्रसार योजना' का कार्यान्वयन शुरू किया। इस योजना के जरिए अधिक से अधिक अच्छी चीनी पुस्तकें विश्व में प्रवेश कर रही हैं। तुर्की से आए किर्मिजी केडी प्रकाशक के प्रधान हालुक हेपकोन ने कहा कि उन्होंने कुछ चीनी प्रकाशन संस्थाओं के बीच सहयोग संबंध स्थापित किया है। वर्तमान में चीनी पुस्तकें तुर्की में लोकप्रिय हो रही हैं। 'लुन य्वी' और 'सुन ज सैन्य विधि' आदि कुछ पारंपरिक चीनी पुस्तकों का तुर्की भाषा में अनुवाद किया गया है। हालुक को आशा है कि ज्यादा से ज्यादा चीनी पुस्तक रचनाओं का अनुवाद किया जाएगा, ताकि तुर्की में युवा पाठक चीनी संस्कृति और चीन के विकास रास्ते पर ध्यान दे सकें।
चीन अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन सहयोग पर महत्व देता है। इधर के सालों में चीन ने क्रमश: विदेशों में चीनी पुस्तकों की प्रसार योजना, पारंपरिक चीन, रेशम मार्ग पर पुस्तकों की सुगंध, चीनी अकादमिक अनुवाद आदि परियोजनाओं के तहत अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन सहयोग मंच स्थापित किया। 'विदेशों में चीनी पुस्तकों की प्रसार योजना' से मिली पूंजी के आधार पर 2018 के अंत तक चीनी प्रकाशन संस्थाओं ने 82 देशों के सात सौ से ज्यादा प्रकाशन संस्थाओं के बीच 3200 से अधिक सहयोगी परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया, जो कि 4600 तरह की पुस्तकों और 50 से अधिक भाषाओं से संबंधित है।
आईएएनएस
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