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जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जा रहा है, वैस-वैसे बच्चों पर पढ़ाई का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। अच्छे मार्क्स लाने और फर्स्ट आने का प्रेशर उनपर कुछ यूं बनाया जाता है, कि वो आधा दिन स्कूल में और आधे दिन घर की पढ़ाई में लगे रहते हैं। वहीं खेल के नाम पर उन्हें जो खेलने को मिलता है वो है डिजिटल गेम्स... जिसे वो सोफे पर बैठे या लेटे-लेटे बड़े आराम से खेलते हैं। आज की जनरेशन असल खेलों से कोसो दूर हो गई है, जिसका दुष्परिणाम उनके स्वास्थ्य और शारीरिक विकास पर देखने को असानी से मिल जाता है। आज के समय में बच्चे आसानी से बीमार हो जाते हैं, उनकी आंखे कम उम्र में ही कमजोर हो जाती है, मोटापा और अन्य कई तरह की बीमारियां भी लग जाती है, जो पहले लोगों को 40 की उम्र पार करने के बाद लगा करती थी।
ऐसे में सबसे पहले उनके माता-पिता को ही जानना होगा कि खेल उनके बढ़ते बच्चों के लिए कितना जरूरी है। खेल उनके बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अगर आप अपने बच्चों को बाहर खेलने जाने से रोकते हैं, तो अपने आप को तुरंत रोक दें। क्योंकि ऐसा करके आप अपने बच्चों को इन लाभों से वंचित कर रहे हैं-
मस्तिष्क का विकास
आउटडोर गेम्स में शारीरिक गतिविधियों के साथ बच्चे का मास्तिष्क भी विकास करते है। इन खेलों में उनका दिमाग सक्रिय होता है और वह चीज़ों को जल्दी सिखते व समझते हैं। इसके साथ ही उनके अंदर एकाग्रता बढ़ती है। वहीं तनाव आदि जैसी भावनाएं कम हो जाती हैं।
शारीरिक विकास
खेलते वक्त बच्चा दौड़ता-भागता है... इस तरह शारीरिक गतिविधियों से मांसपेशियों का विकास होता है। अगर आप चाहते हैं आपके बच्चे की मांसपेशिया व हड्डियां अच्छे से विकास करें, तो उन्हें बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें या उन्हें खेलने जाने दें। इससे उनके सभी अंग अच्छे से विकासित होंगे। खेलने से बच्चों का दिल और फेफड़े अच्छे से काम करते हैं और इससे उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती हैं। उनका रक्तचाप सही रहता है। इम्यूनिटी बूस्ट होती है।
नींद अच्छी आती है
खेलने व भागने-दौड़ने से बच्चे थक जाते हैं, इस वजह से उनको रात को अच्छी नींद आती है। शरीर से बेहतर विकास के लिए बच्चों की अच्छी नींद भी बेहद जरूरी है। अच्छी नींद लेकर वह अगले दिन तरो-ताजगी से उठेंगे।
नकारात्मकता दूर होती है
जो बच्चे ज्यादा खेल में एक्टिव रहते हैं, उन बच्चों में डिप्रेशन व तनाव के केस कम देखे जाते हैं। खेल के वक्त शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर कम होता है और एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर ज्यादा होता है। ये एक फील गुड हार्मोन होता है, जो आपके अंदर खुशी को बढ़ाता है। इससे बच्चों के अंदर नकारात्मक विचार नहीं आते।
वजन कम होता है
वजन कम करने के लिए आप बच्चों को स्विमिंग या फिर साइकिलिंग जैसे स्पोर्ट्स में बढावा दे सकते है, इससे बढ़ता वजन आसानी से कंट्रोल होता है।
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