Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन यानी इसरो का ‘चंद्रयान-2’ मिशन अभी जारी है। पिछले ही दिनों 7 सितंबर को चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग चांद की सतह पर होने वाली थी, लेकिन लैंडिंग के वक्त पहले ही अचानक इसरों के वैज्ञानिकों का विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया और इतिहास रचता ये पल मानों सपना सा प्रतित होने लगा। उस वक्त केवल इसरो के वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि पूरे भारत की आंखों में मायूसी देखने को मिली थी। यह पल हर भारतीय के लिए एक बड़ा झटका था।
हालांकि, उस वक्त भी इसरों के वैज्ञानिकों ने अपनी आशाएं नहीं छोड़ी... वह लगातार विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की कोशिश करते रहे। पूरा भारत इस मिशन की सफलता की दुआएं मांग रहा है। ये दुआएं रविवार को पूरी होती दिखी, रविवार को कहा गया कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को चंद्रमा की सतह पर होने का पता चला है। तब से लगातार ऑर्बिटर द्वारा लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश जारी। अभी भी हर भारतीय की दुआएं वैज्ञानिकों के साथ लगी हुईं हैं। उम्मीद है कि जल्द ही ये दुआएं भी कबूल हो और लैंडर विक्रम से संपर्क साधा जा सके।
वैसे, तो पूरे भारत की निगाहें इस मिशन पर टकटकी लगाये टिकी हुईं हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं अगर ये इसरो के वैज्ञानिकों लैंडर विक्रम से संपर्क साधने में कामयाब रहे.. तो इसके बाद क्या होने वाला है? आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी मिशन चंद्रयान-2 से मिलने वाली है, जो क्रांति साबित होगी?
आइए जानते हैं भारत के लिए क्यों जरूरी है चंद्रयान-2 मिशन पूरा होना और क्या-क्या जानकारी देने वाला है ये मिशन-
चंद्रयान-2 पहला अंतरिक्ष मिशन है, जो चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर संचालन करेगा।
चंद्रयान-2 पहला भारतीय मिशन है, जो स्वदेशी तकनीक से चंद्रमा की सतह पर उतरा गया है।
पहला भारतीय मिशन है, जो देश में विकसित प्रौद्योगिकी के साथ चांद की सतह के बारे में जानकारियां जुटाएगा।
चंद्रयान-2 मिशन के दौरान चांद की सतह में मौजूद तत्त्वों का अध्ययन किया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि उसके चट्टान और मिट्टी किन तत्त्वों से बने हैं। इसके अलावा उनमें मैग्निशियम, कैल्शियम और लोहे जैसे खनिज को खोजने का प्रयास करना।
वहां मौजूद खाइयों और चोटियों की संरचना का भी शोध इस मिशन में किया जाएगा।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.