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तालिबान ने मंगलवार को शांति प्रक्रिया को रोके जाने पर अमेरिका से स्पष्टीकरण की मांग की है। अमेरिका ने अफगानी विद्रोही संगठन द्वारा काबुल में आत्मघाती हमले किए जाने के बाद शांति वार्ता को रोक दी थी। हमले में एक अमेरिकी सैनिक समेत 12 लोग मारे गए थे। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि अमेरिका के साथ संचार माध्यम खुले हुए हैं और आतंकवादी समूह अमेरिकी मध्यस्थतों के अभी भी संपर्क में हैं।
शाहीन ने एक वीडियो संदेश में कहा, जिसे समूह ने यूट्यूब चैनल पर साझा किया है, "हमने अपना संदेश भेज दिया है और उन्होंने भी हमें संदेश भेजा है। हमने उनसे आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है और हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।"अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि शांति वार्ता 'मर' चुकी है। इससे पहले उन्होंने वाशिंगटन के समीप मैरीलैंड कंट्रीसाइड के प्रसिडेंशियल रिट्रिट में रविवार को तालिबान और अफगान सरकार के साथ होने वाली 'खुफिया बैठक' को अचानक रद्द कर दिया था।शांति वार्ता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "वो मर चुकी है। वो मर चुकी है। जहां तक मेरा सवाल है, वो मर चुकी है।"
अमेरिका ने पांच सितंबर को तालिबान के आत्मघाती हमले के बाद शांति वार्ता रद्द कर दी।दोनों पक्ष युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सेना के वापस जाने के मुद्दे पर एक साल तक वार्ता करने के बाद मसौदा समझौते पर पहुंचे थे।लेकिन शाहीन ने कहा कि ट्रंप का ट्वीट उनके लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि न ही संघर्षविराम हुआ है और न ही समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।उन्होंने अमेरिका के वार्ता के मेज पर जल्द वापसी की उम्मीद जताई और कहा, "यह संतोषजनक जवाब नहीं है कि हालिया हमले ने ट्रंप को वार्ता खत्म करने के लिए उकसाया।"
शाहीन ने कहा, "समझौता पूरा हो चुका है और दोनों पक्षों ने इसे स्वीकार किया है। हम निश्चित ही शांतिपूर्वक तरीके से युद्ध की समाप्ति चाहते हैं।"उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवादी समूह ने किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और समझौते पर हस्ताक्षर से पहले कोई वादा नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका अपने मौजूदा पक्ष की समीक्षा करेगा, नहीं तो यह उनके हित में नहीं होगा।"
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका वार्ता की मेज पर वापस नहीं लौटा तो तालिबान युद्धक्षेत्र में वापस जाने के लिए तैयार है।शाहीन ने कहा, "अगर अमेरिकी अभी भी वार्ता को समाप्त करने पर डटे रहेंगे, तो हमारी भी नीति स्पष्ट है। हम पहले वार्ता के जरिए समस्या सुलझाना चाहते हैं, वरना हम तो पहले से ही जिहाद के रास्ते में हैं।"
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