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बच्चे स्कूल के दिनों से ही कॉलेज जाने का सपना देखते हैं और उन्हें आगे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना है इस बारे में भी काफी पहले से ही अपना मन बना लेते हैं। इसी के साथ वह यही कोशिश करते हैं कि उनका स्कूल के बाद उन्हें किसी अच्छे कॉलेज में अपना एडमिशन मिल जाए, जहां केवल बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान पर दिया जाता हो। लेकिन हर किसी के साथ हमेशा वैसा नहीं होता जैसा वो चाहते हैं। स्कूल और कॉलेज में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें तैयार करना तो लाजमी सी बात है, लेकिन क्या आपने कभी ऐसे किसी कॉलेज के बारे में सुना है जो अपनी छात्राओं की शादी की भी चिंता करता हो।
दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर हैदराबाद का एक कॉलेज काफी सुर्खियां बटोर रहा है। इसकी वजह है कि कॉलेज ने अपने यहां पढ़ने वाली छात्राओं को लेकर अजीब ही फरमान जारी कर दिया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है और वहीं दूसरी ओर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे इससे परेशान हैं। हैदराबाद के प्रतिष्ठित सेंट फ्रांसिस गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के वेस्टर्न कपड़ों को बैन कर दिया है। अगर आप इसकी वजह जानेंगे तो आपको भी उनके इस फैसला पर बहुत हैरानी होगी।
बता दें कि, कॉलेज का मानना है कि सूट-सलवार पहनने की वजह से लड़कियों को शादी के ज्यादा अच्छे रिश्ते मिलते हैं। इसी नियम के तहत सभी छात्राओं को लंबी आस्तीन के अलावा घुटनों से नीचे की कुर्तियां पहनने का आदेश दिया गया है। इसी के साथ कॉलेज प्रशासन ने स्लीवलेस और शॉर्ट ड्रेसेज पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फरमान को 1 अगस्त से लागू भी कर दिया गया है।
कोई छात्रा इस ड्रेस कोड के अलावा अगर दूसरे कपड़े पहनकर आ जाती है तो उसे कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती और क्लास से बाहर कर दिया जाता है। इस नए नियम के खिलाफ छात्राओं का कहना है कि, यह पिछड़ापन और दकियानूसी बाते हैं। वहीं दूसरी ओर एक अन्य छात्रा का कहना है कि जिस समय देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की बात हो रही है, ऐसे में इस तरह के फरमान जारी करना इस मुहिम के बिल्कुल खिलाफ है।
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