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अंतरिक्ष तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भारत अपनी जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष अनुसंधान में खर्च कर रहा है। आँकड़ों की माने तो भारत अंतरिक्ष अनुसंधान पर होने वाले खर्च के आधार पर विश्व के शीर्ष देशों में शामिल है। इस प्रकार, स्पेस सेक्टर में हो रहे लगातार प्रयोगों की वजह से यह क्षेत्र लाखों युवाओं के लिए नौकरी के द्वार खोल रहे है। ऐसे में आज के युवाओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाना काफी बेहतर साबित हो सकता है। इससे उन्हें अच्छा करने के साथ-साथ व्यवस्थित नौकरी भी मिल जाती है।
ग़ौरतलब है कि भारत के मून मिशन और मंगल मिशन के बाद तमाम योजनाओं में से एक योजना साल 2030 तक अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने की भी है। इसके अलावा सेटेलाइट की दुनिया में भारत की क्षमता को तो पूरे विश्व ने मान ही लिया है। ऐसे में बिल्कुल स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि इतनी संभावनाओं के बीच आने वाले समय में यह सेक्टर स्पेस साइंस में करियर की चाहत रखने वालों के लिए नौकरी के अवसरों की झाड़ लगा देगा।
आपको बता दें कि स्पेस साइंस के करियर बनाने के लिए बारहवीं और स्नातक स्तर पर गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान विषय होने चाहिए। ये बेहद अनिवार्य होते हैं। इसके अलावा यह भी एक अच्छी बात है कि कुछ विश्व विद्यालय सेप्स साइंस में ही ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पोस्ट डॉक्टरल डिग्री भी करवाते हैं।
Author: Amit Rajpoot
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