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आस्ट्रेलिया की ब्रोनी वेयर कई वर्षों तक कोई meaningful काम तलाशती रहीं, लेकिन कोई शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव न होने के कारण बात नहीं बनी। फिर उन्होंने एक हॉस्पिटल की Palliative Care Unit में काम करना शुरू किया और कई वर्षों तक उन्होंने मौत को क़रीब से देखने वाले मरीजों की काउंसलिंग करते हुए पाया कि मरते हुए लोगों को कोई न कोई पछतावा ज़रूर था। लिहाजा जीवन में हमेशा meaningful काम करके ही आप सुकून से मौत को गले लगा सकते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को ब्रोनी द्वारा चयनित इन पाँच सबसे बड़े पछतावों के बारे में समझ लेना चाहिए ताकि आप अपने जीवन में हमेशा meaningful काम कर सकें।
पहला पछतावाः
काश मैं दूसरों के अनुसार न जीकर अपने अनुसार ज़िंदगी जीने की हिम्मत जुटा पाता! यह सबसे ज़्यादा कॉमन रिग्रेट था, इसमें यह भी शामिल था कि जब तक हम यह महसूस कर पाते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य ही आज़ादी से जीने की राह देता है तब तक यह हाथ से निकल चुका होता है।
दूसरा पछतावाः
काश मैंने इतनी कड़ी मेहनत न की होती तो अच्छा था। यह दूसरा पछतावा है। ब्रोनी ने बताया कि उन्होंने जितने भी पुरुष मरीजों का उपचार किया उन्होंने अपने रिश्तों को समय न दे पाने की ग़लती मानी। ज़्यादातर मरीजों को पछतावा था कि उन्होंने अपना अधिकतर जीवन अपने कार्य स्थल पर खर्च कर दिया! उनमें से हर एक ने कहा कि वे थोड़ी कम कड़ी मेहनत करके अपने और अपनों के लिए समय निकाल सकते थे।
तीसरा पछतावाः
काश मैं अपनी फ़ीलिंग्स का इज़हार करने की हिम्मत जुटा पाता। यह तीसरा पछतावा है। ब्रोनी वेयर ने पाया कि बहुत सारे लोगों ने अपनी भावनाओं का केवल इसलिए गला घोट दिया ताकि शान्ति बनी रहे, परिणाम स्वरूप उनको औसत दर्ज़े का जीवन जीना पड़ा और वे जीवन में अपनी वास्तविक योग्यता के अनुसार जगह नहीं पा सके! इस बात की कड़वाहट और असंतोष के कारण उनको कई बीमारियाँ हो गयीं!
चौथा पछतावाः
काश मैं अपने दोस्तों के सम्पर्क में रहा होता, तो कुछ और जीवन था। यह चौथा पछतावा है। ब्रोनी ने देखा कि अक्सर लोगों को मृत्यु के नज़दीक पहुँचने तक पुराने दोस्ती के पूरे फायदों का वास्तविक एहसास ही नहीं हुआ था!
पाँचवा पछतावाः
काश मैं अपनी इच्छानुसार स्वयं को खुश रख पाता! यह पाँचवा सबसे कोर पछतावा था। जी हाँ, आश्चर्य की बात है कि अपने जीवन के अन्त तक कई लोगों को यह पता ही नहीं लगता है कि जीवन में अपनी ख़ुशी भी एक च्वाइस है।
Author: Amit Rajpoot
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