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पीरियड्स के दौरान क्या आपने कभी नोटिस किया है कि आपका अपने खाने के प्रति कंट्रोल एकदम खो-सा जाता है। आपको पूरे दिन कुछ न कुछ खाने का मन करता है, खासतौर पर जंक फूड। ये एक समान्य बदलाव है, जो हर दूसरी लड़की में पीरियड्स के दौरान देखने को मिलता है। पीरियड्स से पहले व पीरियड्स के दौरान अचानक उन्हें फूड क्रेविंग शुरु हो जाती है, जिसमें उन्हें काफी चटपटा, तला-भूना मीठा खाने का मन करने लगता है और जब वो नहीं मिलता तो उन्हे चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है।
आप भी महीने के उन 6 दिनों में ये जरूर महसूस करती होंगी, लेकिन क्या आपने कभी इसके पीछे का कारण जानना चाहा है? आखिर ऐसा होता क्यों है? जहां पूरे महीने आप फिटनेस को सर्वोपरी रखकर केवल हेल्दी फूड खाते हैं, वहीं इन 6 दिनों में आपका खुद पर से पूरा कंट्रोल खत्म हो जाता है।
ये है इसका कारण-
भूख में बदलाव और फूड क्रेविंग का एक प्रमूख कारण है हार्मोन में बदलाव। पीरियड फूड क्रेविंग का एक और संभावित कारण है प्रीमेन्स्ट्रुअल फेज में इंसुलिन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया में बदलाव, जिसका अर्थ है कि कुछ महिलाएं अपने ब्लड शुगर में हल्के बदलाव और मीठे खाद्य पदार्थों के लिए तरस जाती हैं। इसी के कारण उन्हें बुरी तरह फूड क्रेविंग होती है और वो खुद को जंक फूड खाने से रोक नहीं पाती।
पीरियड्स के दौरान कई बार महिलाओं को असहनीय दर्द महसूस होता है, इस दर्द से मन भटकाने के लिए जंक फूड (कार्बोहाइड्रेट) को दवाई के तौर पर लिया जाता है। जंक फूड खाने से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ जाता है, ये केंद्रीय तंत्रिता तंत्र में एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो खुशी की भावना देता है। ऐसा माना जाता है कि कार्ब्स का सेवन बढ़ाने से महिलाएं बेहतर महसूस करती हैं।
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