Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
पति की लम्बी उम्र के लिए ‘करवाचौथ’ का व्रत रखने का विधान है, हर विवाहिता स्त्री कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन ‘करवाचौथ’ का व्रत रखती है और शाम को चांद निकलने पर अपना व्रत खोलती हैं। इस दौरान वह दिन भर न कुछ खाती हैं और न ही कुछ पीती है, ये एक तरह का निर्जल व्रत होता है। इस व्रत में एक और खास चीज होती है, वो ये कि शाम को चांद निकलने पर छलनी से चांद को देखकर पति का चेहरे देखना। इसके बाद ही पति पत्नी को पानी पिलाकर उसका व्रत खोलता है।
लेकिन क्या आपके जहन में कभी ये सवाल नहीं आया कि आखिर छलनी से चांद को देखने का क्या तर्क है? और फिर इसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखना... इसके पीछे क्या वजह है... अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे... जो आज हम आपको इसका जवाब देंगे।
ये है वजह-
हिंदू धर्म में चांद को भगवान ब्रह्मा का स्वरूप माना जाता है, जिन्हें लम्बी उम्र का वरदान मिला था। अर्थात उनकी पूजा अराधना करने पर वह सभी को लम्बी उम्र का वरदान देते हैं। पूरे दिन करवाचौथ का व्रत करने के बाद महिलाएं ब्रह्मा रूपी चांद की पूजा करती हैं और उनसे पति की लम्बी उम्र का वरदान मांगती हैं। हालांकि, चांद से क्यों देखा जाता है पति का चेहरा? इसका जवाब ये है कि चांद को छलनी से देखने के बाद पति को उसी छलनी से देखना इस बात को इंगित करता है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के सभी दोषों को इस छलनी से छानकर एक-दूसरे के केवल गुणों को देखते हैं। इससे उनका रिश्ता और दाम्पत्य जीवन प्यार और विश्वास से भर जाता है।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से...
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.