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जबसे लोगों के पास स्मार्टफोन आए हैं तब से जिसे देखो वह हर समय अपने फोन में ही लगा रहता है। बच्चे से लेकर बड़-बूढ़े तक फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं। कई बार बच्चों को फोन की वजह से घर में डांट तक पड़ जाती है। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। दरअसल, मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से प्रजनन क्षमता प्रभावित होने लगती है। कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि, मोबाइल और इसके टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन महिलाओं में प्रजनन क्षमता को कम रही हैं। जबकि इसके कारण पुरुषों में स्पर्म काउंट भी कम होता जा रहा है।
स्टडी के मुताबिक, रेडिएशन के कारण प्रजनन क्षमता में कमी, मिस कैरेज, ब्रेन ट्यूमर और कैंसर की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। बता दें कि, हमारे शरीर में 70 फीसदी पानी होता है। जबकि दिमाग में 90 फिसदी तक पानी होता है। यही पानी धीरे-धीरे बॉडी रेडिएशन को अब्जॉर्ब करने लगता है, जो भविष्य में सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है। इंटरफोन स्टडी के मुताबिक, हर आधे घंटे या उससे ज्यादा वक्त तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से 8-10 साल की उम्र में ही ब्रेन ट्यूमर का खतरा 200-400 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
इस रिसर्च के अनुसार, पूरे दिनभर में केवल 24 मिनट के लिए ही अगर मोबाइल का इस्तेमाल किया जाए तो ही यह सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगा। क्योंकि आपके मोबाइल की SAR सबसे ज्यादा अहमियत रखती है। केरल में हुई इस रिसर्च की माने तो मोबाइल टॉवर की वजह से होने वाले रेडिएशन के कारण मधुमक्खियों की संख्या 60 फीसदी गिर चुकी है। जबकि इन टॉवर के पास जितनी चिड़ियों ने अंडे दिए उनमें से 30 दिन बाद भी बच्चे नहीं निकले। जबकि इस प्रक्रिया में केवल 10-14 दिन का समय लगता है।
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