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किसी भी जगह में काम करना आसान नहीं होता है। इसी के साथ ही इस जगह पर काम करके आपको पता चलता है कि हर जगह का काम करने का तरीका अलग होता है। इसी के साथ ही इस तरह का काम आ जात है कि कई बार आपकी आपके साथ काम करने वाले लोगों के साथ बहस भी हो जाती है। इसी के साथ ही कई बार आपको बहुत कुछ झेलना पड़ता है। बता दें कि कई बार तो आपको चुपचाप सब झेलना होता है। इसीलिए आपको हर बार पोलाइट होकर जवाब देना होता है। मगर इस पोलाइट होने के पीछे कितने दर्द छुपे होते हैं कोई नहीं जानता है।
इसीलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि आपके भेडे हुए इमेल वाकई क्या कहते हैं।
जो काम होने ही नहीं वाला है...
बता दें कि आपको पता होता है कि ये काम होने ही नहीं वाला है। इसीलिए पहले से ही शुक्रिया किया जाता है। बता दें कि आप जो कहना चाह रहे हैं वो नीचे लिखा है।
समझना किसी को नहीं होता है...
बता दें किसी को भी कुछ भी नहीं समझना होता है। हर कोई अपने आप को भगवान मानता है। इसी वजह से आपको हर बात क्लियर करनी होती है। मगर देखने वाली बात तो ये है कि कोई भी बात इतने सबके बाद भी क्लियर नहीं होती है।
अरे कितनी बार समझाउं
पहले भी सबको बताया जाता है। मगर कोई भी किसी भी बात को सीरियस नहीं लेता है। इसके बाद जब सब खराब हो जाता है तो सब याद आता है।
पहले बादमें कभी भी बता दो समझ नहीं आना है...
आज कल तो जैसे लोगों ने ध्यान से पढ़ना छोड़ दिया है। इसी के साथ ही इसको समझाने के लिए जब लोग एक ही लाइन पढ़ते हैं तो और ज्यादा गुस्सा आता है। मगर पढ़ना तो है ही नहीं।
हां देख लिया मुझे समझ आ गया...
हां देख लिया है और साथ ही समझ में भी आ गया है। बता दें कि इस तरह की बातें वाकई खलती हैं। मगर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसी वजह से बार बार इमेल।
Anida Saifi
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