Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में दिन प्रतिदिन लोग अपने पूर्वजो के बनाये हुए नियमो पर चलना पसन्द नही करते हैं । जैसे कई महिलाएं विवाह के बाद मंगलसूत्र यहाँ तक कि सिंदूर धारण नही करती हैं क्योंकि ये सब में उन्हें फुहड़ता दिखाई देता है वे इन्हें पूर्वजो का अंधविश्वास कहती हैं ।
हिन्दू धर्म में सिंदूर का स्थान एक विवाहित स्त्री के लिए बहुत ही मायने रखता है बल्कि उसके साथ ही साथ उसके पति का भाग्य निर्धारित करता है क्योकि शास्त्रों के अनुसार विवाहित स्त्री का सिंदूर लगाना आवश्यक होता है । यह वैज्ञानिकों दृष्टिकोण से भी सिद्ध है कि सिंदूर के लगाने से स्त्री को कई फायदे भी हैं ।
सिंदूर जो कि लाल रंग में होता है और लाल रंग माता सति का प्रतीक माना जाता है क्योंकि माता सति जो कि अपने पति के लिए अपना त्याग कर पतिव्रता स्त्री होने का दायित्व निभाया था । सिंदूर मस्तक पर लगाया जाता है माथे को शास्त्रो में माता लक्ष्मी का स्थान माना जाता है सिंदूर लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं ।
इस प्रकार सिंदूर न लगाने तथा सिंदूर का अपमान करने से माता लक्ष्मी का अपमान होता है और शास्त्रो के अनुसार विवाह के बाद स्त्री के कर्मो से ही पति का भाग्य निर्भर रहता है ।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.